ॐ : परम ब्रह्म का प्रतीक, सर्वव्यापी ध्वनि.
भूर्भुवः स्वः तीन लोकों (पृथ्वी, अंतरिक्ष, स्वर्ग) या तीन अवस्थाओं (जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति) के सूचक.
तत् : वह.
सवितु : सवितृ (सूर्य) की, जो सभी को उत्पन्न करने वाला है.
वरेण्यं : वरण करने योग्य, सर्वश्रेष्ठ.
भर्गो : दिव्य तेज, पापों का नाश करने वाला.
देवस्य : देव (ईश्वर) का.
धीमहि : हम ध्यान करते हैं, धारण करते हैं.
धियो : बुद्धि को.
यो : जो.
न : हमारी.
प्रचोदयात् : प्रेरित करे, मार्गदर्शन करे.